एक लड़की गाँव के बाहर गन्ने...

एक लड़की गाँव के बाहर गन्ने के खेतों के पास खड़ी एक लड़के पर चिल्ला रही थी- ओए Kallu ! तेरी माँ का भोंसड़ा, मादरचोद... हरामी की औलाद ! …पास से जा रहे एक साधु ने कहा- बेटी ऐसा नहीं बोलते हैं, क्या बात हुई? Ladki बोली- उस बहनचोद ने मेरे चुच्चे दबाए ! बाबा ने Ladki की चूचियाँ दबाकर कहा- ऐसे दबाई थी क्या..? Ladki- हाँ बाबा, फिर उस मां के लौड़े ने मेरा कमीज उतारा ! बाबा उसका कमीज उतार कर बोला- गाली मत दे बेटी ! ऐसे ही तेरा कमीज उतारा था उसने? Ladki- हाँ बाबा ! बाबा- इस पर गाली देना शोभा नहीं देता ! तूने उसे रोका क्यों नहीं? Ladki- बाबा, जब उस रण्डी के ने मेरी चूचियाँ मसली तो मुझे मज़ा आया। बाबा Ladki की चूचियाँ मसलते हुए….बोला- ऐसे ही क्या? Ladki- हाँ बाबा ! फिर उस भौंसड़ी के ने मेरी सलवार खोल कर उतार दी और मुझे लिटा कर चोद दिया। बाबा ने Ladki की सलवार उतारी, नीचे लिटाया और Ladki की फ़ुद्दी में अपना लौड़ा घुसा कर बोला- ऐसे ही तो चोदा होगा? Ladki- हाँ बाबा ! बाबा- इसमें भी गाली देना शोभा नहीं देता। Ladki- पर बाबा, उस गण्डमरे ने चोदने के बाद बताया कि उसे एड्स है। बाबा- kallu मादरचोद... तेरी माँ का भोंसड़ा... हरामी की औलाद ! बहनचोद... रण्डी के... !

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