चुपचाप चल रहे थे.. हम अपनी...

चुपचाप चल रहे थे.. हम अपनी मंजिल की तरफ.. . . . . . . फिर रस्ते में एक लौंडियाँ मिली .. और . . . . . . . मंजिल की माँ चुद गयी । . 😉😉😜😜

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